Deltin7 सर्वश्रेष्ठ कैसीनो ऑनलाइन भारत 🖱️ Deltin7 Cricket Betting 🖱️ टेक्सास होल्डम पोकर ऑनलाइन अभ्यास

(Deltin7 ऑनलाइन कैसीनो रियल मनी इंडिया) 🖱️ Deltin7 Cricket Betting Anything can happen when you play, अंदर बहार कन्नड मूवी Play Securely and Win Big!. Petrol Diesel: कच्चे तेल (Crude oil) की कीमतों में आज मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है। डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI crude) के भाव 0.21 डॉलर घटे हैं और यह 71.94 डॉलर प्रति बैरल पर व्यापार कर रहा है। ब्रेंट क्रूड के भावों में 0.17 डॉलर की गिरावट देखी गई है और यह 76.54 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है। पटना व नोएडा में बढ़े पेट्रोल-डीजल (petrol and diesel) के भावों बढ़ोतरी हो गई है। भारतीय तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। भुवनेश्वर में पेट्रोल आज 103.63 रुपए लीटर बिक रहा है, वहीं डीजल की कीमत 95.18 रुपए है। जयपुर में पेट्रोल 108.48 रुपए और डीजल 93.80 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमत में कोई बदलाव नहीं है लेकिन डीजल हल्की बढ़त के साथ 89.72 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। देश के 4 महानगरों में दिल्ली में पेट्रोल 96.72 और डीजल 89.62, मुंबई में पेट्रोल 106.31 और डीजल 94.27, कोलकाता में पेट्रोल 106.03 और डीजल 92.76, चेन्नई में पेट्रोल 102.65 और डीजल 94.25 रुपए प्रति लीटर के भाव हो गया है। इसी प्रकार नोएडा में पेट्रोल 96.92 और डीजल 90.08, गाजियाबाद में 96.26 और डीजल 89.45, लखनऊ में पेट्रोल 96.43 और डीजल 89.63, पटना में पेट्रोल 107.76 और डीजल 94.52 रुपए, पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपए और डीजल 79.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। सुबह 6 बजे हर दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है और नए भाव जारी किए जाते हैं। पेट्रोल व डीजल के दामों में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इनकी कीमतें मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाती हैं। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमें इतना महंगा खरीदना पड़ता है। Edited by: Ravindra Gupta

Deltin7 ऑनलाइन जुआ ऐप्स Deltin7 Cricket Betting टेक्सास होल्डम पोकर ऑनलाइन अभ्यास

Deltin7 Cricket Betting
Anything can happen when you play

Odisha Train Accident। ओडिशा के बालासोर में 2 जून को दो एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेनों और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में कम से कम 275 लोगों की मौत हुई है वहीँ,1000 से ज़्यादा लोग घायल हुए। इस भयानक दुर्घटना ने पुरे भारत की जनता को अंदर ही अंदर सहमा दिया है। दुर्घटना को लेकर सामने ऐसे चित्र आए हैं जिसे देख कर रूह काँप उठती है और दर्द से आँखें भर जाती है। यह हादसा पिछले 20 सालों में रिकॉर्ड हुआ अब तक का सबसे घातक और दर्दनाक ट्रेन हादसा है। Deltin7 Cricket Betting, हमारे सिस्‍टम में वाइल्‍ड लाइफ कोई मुद्दा नहीं

अशोक बहुत पवित्र पेड़ माना जाता है। इसके पत्तों का पूजा में इ्तेमाल होता है। अ+शोक-अशोक नाम से ही स्पष्ट है कि जो शोक मिटाता है। दुख दूर करता है, संताप हरता है। कष्टों से मुक्ति देता है। अशोक के वृक्ष के कई लाभ हैं सबसे पहला तो यही कि शोक यानी दुख को सोख लेता है। अगर यह घर में है तो नकारात्मक ऊर्जाएं दूर हो जाती हैं। घर के आंगन, बगीचे, बरामदे या दहलीज पर लगा है तब तो शुभ है ही, अगर ये वृक्ष आपके घर के आसपास लगा है तो भी दुख और दरिद्रता नहीं आएगी। अशोक मानसिक तनाव को दूर करने में भी मदद करता है लेकिन याद रखें अशोक का पौधा घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, अशोक का पेड़ मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की जीवन शक्ति में वृद्धि करता है। अशोक का पेड़ घर के वास्तु दोष को दूर करने में समर्थ है। घर के मुख्य द्वार के पास कोने में अशोक का वृक्ष लगाने से धन की प्राप्ति होती है। जहां अशोक का पेड़ लगा होता है, वहां सभी कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो जाते हैं। अशोक को बंगला में अस्पाल, मराठी में अशोक, गुजराती में आसोपालव तथा देशी पीला फूलनों, सिंहली में होगाश तथा लैटिन में जोनेशिया अशोका (Jonasia Ashoka) अथवा सराका-इंडिका (Saraca Indica) कहते हैं। मांगलिक कार्य, पूजा-अनुष्ठान, शादी, यज्ञोपवित, ग्रह प्रवेश आदि में अशोक के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। देवी-देवताओं के सामने अशोक के पत्ते पर कामना लिखकर अर्पित करने से शीघ्र पूरी होती है। अशोक का पेड़ या पौधा घर के आसपास उत्तर दिशा में लगाना उचित कहा गया है। अशोक के पेड़ के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कहा जाता है कि अशोक के 7 पत्ते लाकर घर के मंदिर में रखने से दांपत्य जीवन में बहार आती है। पति और पत्नी के बीच संबंध मधुर होने लगते हैं। शादी में विलंब हो रहा है तो जानकार लोग अशोक के पत्तों को पानी में मिलाकर स्नान करने की सलाह देते हैं। 42 दिनों तक लगातार ऐसा करने से लाभ होता है। सेहत के लिए भी गुणकारी है अशोक अशोक के पेड़ की छाल या पत्तियों का सेवन करने पर पेट से कीड़े निकालने में मदद मिलती है। दर्द और सूजन से राहत मिलती है। अशोक के पेड़ की छाल में एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण भी होते हैं। अशोक के पत्तों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण भी पाए जाते हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। शरीर में इंसुलिन बनने की क्रिया में भी सुधार होने लगता है। अशोक का पेड़ इको फ्रेंडली है जो अनवरत ऑक्सीजन देता है। अशोक के पेड़ की छाल में फ्लेवोनॉयड्स, टैनिन और एनाल्जेसिक जैसे औषधीय गुण होते हैं जो हड्डियों के लिए जरूरी तत्‍व होते हैं। कैसा होता है अशोक का पेड़? अशोक के पेड़ में ज्यादा पानी देने से बचें लेकिन इसकी मिट्टी को नम रखें। ज्यादा पानी से इस पर भूरे रंग के धब्बे हो जाते हैं और पत्ती का नुकसान हो सकता है। अशोक का पेड़ आम के पेड़ की तरह सघन होता है। इसकी पत्तियों की लंबाई और चौड़ाई 8:3 होती है। इसके कोमल पत्तों का रंग तांबे जैसा होता है इसे ताम्र पल्लव के नाम से भी जाना जाता है। अशोक के पौधों की जड़ें काफी मजबूत भी होती हैं। गहरी जड़ों की वजह से अशोक को गमलों में लगाना उचित नहीं है। Deltin7 क्रिकेट सट्टेबाजी युक्तियाँ App Deltin7 Play Securely and Win Big! उन्होंने आगे कहा, यह वास्तव में फिर से एक शुरुआत की तरह लग रहा है - और मुझे उम्मीद है कि मैं आगे बढ़ती रहूंगी और बेहतर और अच्छा काम करने के लिए पूरी कोशिश करूंगी। हर फिल्म के साथ कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिलता है, और जबकि ये सफर कभी खत्म न होने वाला है, इस तरह की छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाना भी अहम है। अपने परिवार के साथ फिल्म देखने पर सारा कहती हैं, मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूं कि मेरा भाई और मां इस फिल्म को देखकर बहुत हंसे, क्लाइमेक्स में रोए और मुझपर और फिल्म पर गर्व किया। बस यहां से आगे और ऊपर की तरफ बढ़ते रहना है। बता दें कि इंदौर शहर में सेट जरा हटके जरा बचके की कहानी दो कॉलेज लवर्स कपिल और सौम्या के इर्द गिर्द घूमती है, जो एक दूसरे के प्यार में पागल हैं। फिल्म में विक्की के साथ सारा की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री के दर्शक दीवाने हो गए।

टेक्सास होल्डम पोकर ऑनलाइन अभ्यास

पारामारिबो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घोषणा की है कि भारत ने सूरीनाम में मूल भारतीय प्रवासियों के 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (ओसीआई) कार्ड के लिए पात्रता मानदंड को 4थी से 6ठी पीढ़ी तक बढ़ाने का फैसला किया है, जो 150 साल पुराने द्विपक्षीय संबंधों में उनके महत्व को दर्शाता है। मुर्मू ने सोमवार को यहां इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इससे पहले सूरीनाम के अपने समकक्ष चंद्रिका प्रसाद संतोखी के साथ वे सूरीनाम में भारतीयों के आगमन के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक सांस्कृतिक समारोह की गवाह बनीं। विदेश में बसे और वहां की नागरिकता ले चुके भारतीय लोगों के लिए ओसीआई कार्ड की सुविधा प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि 452 भारतीय मजदूरों को लेकर 5 जून, 1873 को पहला जहाज 'लल्ला रुख' सूरीनाम की राजधानी पारामारिबो पहुंचा था। इनमें ज्यादातर मजदूर पूर्वी उत्तरप्रदेश और बिहार के रहने वाले थे। मुर्मू ने कहा कि आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मुझे इस मंच पर यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरी सरकार ने ओसीआई कार्ड के लिए पात्रता मानदंड को 4थी से 6ठी पीढ़ी तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि ओसीआई कार्ड को भारत के साथ उनके 150 साल पुराने संबंधों की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत के साथ अपने संबंधों को बनाए रखने के प्रयास जारी रखने का आग्रह किया। इससे पहले ओसीआई सुविधा भारत से सूरीनाम पहुंचे समुदाय के मूल पूर्वजों की केवल 4 पीढ़ियों तक के लिए ही थी। नतीजतन 5वीं और बाद की पीढ़ियों से संबंधित समुदाय के कई युवा सदस्य इस लाभ से वंचित थे। मुर्मू ने कहा कि हम सभी सूरीनाम में भारतीयों के आगमन की 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आज यहां एकत्र हुए हैं, जो सूरीनाम के इतिहास में मील का एक महत्वपूर्ण पत्थर है। इस अवसर पर मैं अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं और उन लोगों को सलाम करती हूं जिन्होंने इस राष्ट्र के निर्माण में मदद की। उन्होंने कहा कि एक बहुसांस्कृतिक समाज और अवसरों की भूमि के रूप में सूरीनाम ने उन सभी विभिन्न समुदायों का स्वागत किया है, जो यहां आए और बस गए। उन्होंने कहा कि इन वर्षों के दौरान विविध समुदाय एक परिवार और एक देश के रूप में विकसित हुए। उन्होंने एकता और समावेशिता के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए सूरीनाम के लोगों की सराहना भी की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि विशाल भौगोलिक दूरियों, विभिन्न समय क्षेत्रों और सांस्कृतिक विविधता के बावजूद भारतीय प्रवासी हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विविधता के लिए जाना जाता है और दोनों देशों के बीच बहुत सारी समानताएं भी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के समाज में बहुत आसानी से मिल-जुल सकते हैं। मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं अपने घर पर हूं। उन्होंने कहा कि पिछले 150 वर्षों में भारतीय समुदाय न केवल सूरीनाम में समाज का एक अभिन्न अंग बन गया है, बल्कि यह भारत और सूरीनाम के बीच गहरी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे समय में जब सूरीनाम अपने पूर्वजों की विरासत और भारत के साथ अपने संबंधों का जश्न मना रहा है, भारत एकजुटता और श्रद्धा के साथ सूरीनाम के साथ खड़ा है। सूरीनाम और भारत दोनों ने औपनिवेशिक शासन की लंबी अवधि के बाद अपनी अर्थव्यवस्थाओं और सामाजिक प्रणालियों के पुनर्निर्माण के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने दोनों देशों के बीच एकजुटता की भावना पैदा की है। मुर्मू ने कहा कि भारत-सूरीनाम द्विपक्षीय संबंध विकास की साझा आकांक्षाओं पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारतीय समुदाय इस संबंध को मजबूत करना जारी रखेगा और आप में से प्रत्येक व्यक्ति दोनों देशों को जोड़ते हुए भारत और सूरीनाम के बीच एक पुल के रूप में काम करता रहेगा। इस अवसर पर मैं आप सभी को भारत आने, भारत की विकास यात्रा देखने और उसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करती हूं। इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति ने बाबा और माई स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। बाबा और माई स्मारक सूरीनाम में पहली बार पैर रखने वाले पहले भारतीय पुरुष और महिला का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करता है। इसके बाद उन्होंने मामा श्रनन स्मारक में सम्मान व्यक्त किया। इस स्मारक में एक महिला अपने 5 बच्चों को लिए हुए है। इस महिला को सूरीनाम की मां मामा श्रनन तथा पांचों बच्चों को सूरीनाम की 5 विशेषताओं का प्रतीक माना जाता है। मुर्मू ने सूरीनाम के राष्ट्रपति द्वारा उनके सम्मान में आयोजित दोपहर के भोज में भी भाग लिया। इस दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने एक समावेशी विश्व व्यवस्था के लिए भारत के उस दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जो हर देश और क्षेत्र के वैध हितों और चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। मुर्मू 3 दिवसीय राजकीय यात्रा पर रविवार को सूरीनाम पहुंचीं। पिछले साल जुलाई में पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है।(भाषा) Edited by: Ravindra Gupta टेक्सास होल्डम पोकर ऑनलाइन अभ्यास, डॉ. राकेश पाठक आगे कहते हैं कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का दूरगामी असर हुआ है। राहुल गांधी ने जो नई कांग्रेस बनाई है,वह राहुल कांग्रेस है। राहुल गांधी की मर्जी से ही मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और कर्नाटक चुनाव में दोनों के बीच तालमेल दिखाई दिया। कर्नाटक और हिमाचल की जीत से कांग्रेस पार्टी एक पुर्नजीवन प्राप्त कर चुकी है।

हमारे ऑनलाइन कैसीनो में बिग और विन बड़ा खेलें! Deltin7 भारत में सर्वश्रेष्ठ कैसीनो ऑनलाइन कोहली ने कहा, मुझे लगता है कि ओवल चुनौतीपूर्ण होगा, हमें सपाट पिच नहीं मिलेगी और बल्लेबाजों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। हमें अपने अनुशासन पर ध्यान देना होगा। इसलिए आपके पास परिस्थितियों के अनुसार खेलने के लिए अनुभव होना चाहिए। हम इस उम्मीद के साथ नहीं जा सकते हैं कि ओवल की पिच हमेशा की तरह रहेगी। वैसे वापसी के बाद डिम्पल ने सबसे पहले रमेश सिप्पी की 'सागर' साइन की थी। 17

अंदर बहार कन्नड मूवी

Yogini Ekadashi 2023 अंदर बहार कन्नड मूवी, वर्ष 2023 में आषाढ़ मास की संकष्‍टी गणेश चतुर्थी 7 जून को मनाई जा रही है। यह चतुर्थी कृष्णपिङ्गल या कृष्णपिंगाक्ष के नाम से जानी जाती है। इस बार यह चतुर्थी बुधवार को पड़ रही है। चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश की प्रिय होने के कारण इस दिन उनके खास मंत्रों का जाप किया जाता है। आइए यहां जानते हैं कथा और 12 मंत्रों के बारे में- आषाढ़ चतुर्थी कथा : Ashadh Sankashti Chaturthi Katha आषाढ़ चतुर्थी कथा के अनुसार द्वापर युग में महिष्मति नगरी का महीजित नामक राजा था। वह बड़ा ही पुण्यशील और प्रतापी राजा था। वह अपनी प्रजा का पालन पुत्रवत करता था। किन्तु संतानविहीन होने के कारण उसे राजमहल का वैभव अच्छा नहीं लगता था। वेदों में निसंतान का जीवन व्यर्थ माना गया हैं। यदि संतानविहीन व्यक्ति अपने पितरों को जल दान देता हैं तो उसके पितृगण उस जल को गरम जल के रूप में ग्रहण करते हैं। इसी उहापोह में राजा का बहुत समय व्यतीत हो गया। उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए बहुत से दान, यज्ञ आदि कार्य किए। फिर भी राज को पुत्रोत्पत्ति न हुई। जवानी ढल गई और बुढ़ापा आ गया किंतु वंश वृद्धि न हुई। तदनंतर राजा ने विद्वान ब्राह्मणों और प्रजाजनों से इस संदर्भ में परामर्श किया। राजा ने कहा कि हे ब्राह्मणों तथा प्रजाजनों! हम तो संतानहीन हो गए, अब मेरी क्या गति होगी? मैंने जीवन में तो किंचित भी पाप कर्म नहीं किया। मैंने कभी अत्याचार द्वारा धन संग्रह नहीं किया। मैंने तो सदैव प्रजा का पुत्रवत पालन किया तथा धर्माचरण द्वारा ही पृथ्वी शासन किया। मैंने चोर-डाकुओं को दंडित किया। इष्ट मित्रों के भोजन की व्यवस्था की, गौ, ब्राह्मणों का हित चिंतन करते हुए शिष्ट पुरुषों का आदर सत्कार किया। फिर भी मुझे अब तक पुत्र न होने का क्या कारण हैं? विद्वान् ब्राह्मणों ने कहा कि, हे महाराज! हम लोग वैसा ही प्रयत्न करेंगे जिससे आपके वंश कि वृद्धि हो। इस प्रकार कहकर सब लोग युक्ति सोचने लगे। सारी प्रजा राजा के मनोरथ की सिद्धि के लिए ब्राह्मणों के साथ वन में चली गई। वन में उन लोगों को एक श्रेष्ठ मुनि के दर्शन हुए। वे मुनिराज निराहार रहकर तपस्या में लीन थे। ब्रह्माजी के सामान वे आत्मजित, क्रोधजित तथा सनातन पुरुष थे। संपूर्ण वेद-विशारद एवं अनेक ब्रह्म ज्ञान संपन्न वे महात्मा थे। उनका निर्मल नाम लोमश ऋषि था। प्रत्येक कल्पांत में उनके एक-एक रोम पतित होते थे। इसलिए उनका नाम लोमश ऋषि पड़ गया। ऐसे त्रिकालदर्शी महर्षि लोमेश के उन लोगों ने दर्शन किए। सब लोग उन तेजस्वी मुनि के पास गए। उचित अभ्यर्थना एवं प्रणामदि के अनंतर सभी लोग उनके समक्ष खड़े हो गए। मुनि के दर्शन से सभी लोग प्रसन्न होकर परस्पर कहने लगे कि हम लोगों को सौभाग्य से ही ऐसे मुनि के दर्शन हुए। इनके उपदेश से हम सभी का मंगल होगा, ऐसा निश्चय कर उन लोगों ने मुनिराज से कहा। हे ब्रह्मऋषि! हम लोगों के दुःख का कारण सुनिए। अपने संदेह के निवारण के लिए हम लोग आपके पास आए हैं। हे भगवन! आप कोई उपाय बतलाइए। महर्षि लोमेश ने पूछा-सज्जनों! आप लोग यहां किस अभिप्राय से आए हैं? मुझसे आपका क्या प्रयोजन हैं? स्पष्ट रूप से कहिए। मैं आपके सभी संदेहों का निवारण करूंगा। प्रजाजनों ने उत्तर दिया- हे मुनिवर! हम महिष्मति नगरी के निवासी हैं। हमारे राजा का नाम महीजित है। वह राजा ब्राह्मणों का रक्षक, धर्मात्मा, दानवीर, शूरवीर एवं मधुरभाषी है। उस राजा ने हम लोगों का पालन पोषण किया है, परंतु ऐसे राज को आज तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई। हे भगवान्! माता-पिता तो केवल जन्मदाता ही होते हैं, किंतु राज ही वास्तव में पोषक एवं संवर्धक होता हैं। उसी राजा के निमित हम लोग ऐसे गहन वन में आए है। हे महर्षि! आप कोई ऐसी युक्ति बताइए जिससे राजा को संतान की प्राप्ति हो, क्योंकि ऐसे गुणवान राजा को कोई पुत्र न हो, यह बड़े दुर्भाग्य की बात हैं। हम लोग परस्पर विचार-विमर्श करके इस गंभीर वन में आए हैं। उनके सौभाग्य से ही हम लोगों ने आपका दर्शन किया हैं। हे मुनिवर! किस व्रत, दान, पूजन आदि अनुष्ठान कराने से राजा को पुत्र होगा। आप कृपा करके हम सभी को बतलाएं। प्रजा की बात सुनकर महर्षि लोमेश ने कहा- हे भक्तजनो! आप लोग ध्यानपूर्वक सुनो। मैं संकटनाशन व्रत को बता रहा हूं। यह व्रत निसंतान को संतान और निर्धनों को धन देता हैं। आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को ‘एकदंत गजानन’ नामक गणेश की पूजा करें। राजा व्रत करके श्रद्धायुक्त हो ब्राह्मण भोज करवाकर उन्हें वस्त्र दान करें। गणेश जी की कृपा से उन्हें अवश्य ही पुत्र की प्राप्ति होगी। महर्षि लोमश की यह बात सुनकर सभी लोग करबद्ध होकर उठ खड़े हुए। नतमस्तक होकर दंडवत प्रणाम करके सभी लोग नगर में लौट आए। वन में घटित सभी घटनाओं को प्रजाजनों ने राजा से बताया। प्रजाजनों की बात सुनकर राज बहुत ही प्रसन्न हुए और उन्होंने श्रद्धापूर्वक विधिवत गणेश चतुर्थी का व्रत करके ब्राह्मणों को भोजन वस्त्रादि का दान दिया। रानी सुदक्षिणा को श्री गणेश जी कृपा से सुंदर और सुलक्षण पुत्र प्राप्त हुआ। यह व्रत श्रद्धापूर्वक करने वालों को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। श्री गणेश के 12 शुभ मंत्र : Chaturthi Ganesh Mantras 1. बीज मंत्र- 'गं' 2. ॐ गं गणपतये नमः 3. 'ॐ गं नमः' 4. ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा 5. गं क्षिप्रप्रसादनाय नम: 6. ॐ वक्रतुंडा हुं 7. ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा। 8. एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् 9. ॐ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा 10. श्री गणेशाय नम: 11. ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा 12. वक्रतुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ निर्विघ्नम कुरू मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। वेबदुनिया इसकी पुष्टि नहीं करता है। इनसे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

INDvsAUS खब्बू बल्लेबाज Travis Head ट्रैविस हेड (146 नाबाद) और Steve Smith स्टीव स्मिथ (95 नाबाद) की दोहरी शतकीय साझेदारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने World Test Championship Final विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल WTC Final के पहले दिन बुधवार को तीन विकेट के नुकसान पर 327 रन बना लिये। मेल ऑनलाइन फुटबॉल 2. युवाओं में ब्रेन ट्यूमर नहीं होता: आपको बता दें कि ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ केस में नवजात शिशुओं में भी ब्रेन ट्यूमर पाया गया है।